सम्पर्क पोर्टल से छात्र को मिली राहत निजी कॉलेज ने लौटाई सिक्योरिटी मनी
राजस्थान संपर्क पोर्टल अब आमजन के लिए समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम बन गया है। लोग समस्याओं से निजात पा रहे हैं एवं राज्य सरकार का आभार व्यक्त कर रहेे हैं। संपर्क पोर्टल पर दर्ज एक शिकायत के बाद चित्तौड़गढ़ के एक निजी कॉलेज को छात्र राहुल को 6 साल बाद सिक्योरिटी मनी लौटानी ही पड़ी।
जिला कलेक्टर ताराचंद मीणा ने जिले में संपर्क पोर्टल पर प्राप्त परिवादों को त्वरित गति से निस्तारण करने के निर्देश सभी विभागों को दिए हुए हैं। उन्होंने कहा है कि छह माह से अधिक लम्बित प्रकरणों को प्राथमिकता से निस्तारित किया जाए। इसी क्रम में जिले के राशमी उपखण्ड के एक छात्र राहुल द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई कि वर्ष 2015 में सिक्योरिटी मनी के रूप में 7500 रुपए निजी संस्था (राजस्थान इंस्टिटयूट ऑफ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नॉलाजी आजोड़ा चित्तौड़गढ) में जमा कराए गए थे। यह राशि छात्र को तीन साल बाद कॉलेज शिक्षा पूर्ण होने पर वापस दी जानी थी, जो नहीं दी गई।
आखिरकार परिवादी ने राजस्थान सम्पर्क पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज की, जिसके बाद जिला कलक्टर ने आवश्यक कार्यवाही के निर्देश प्रदान किए। निर्देश प्राप्त होते ही आरआईटीई रजिस्ट्रार ने सहायक निदेशक लोक सेवाएं नीता वसीटा से चर्चा कर तीन दिवस में सिक्योरिटी मनी लौटाने के लिए कहा। और 16 अगस्त को परिवादी को राशि लौटा दी गई। शिकायतकर्ता राहुल ने जिला कलेक्टर द्वारा की गई कार्यवाही के प्रति आभार प्रदर्शित किया है।
राजस्थान संपर्क पोर्टल अब आमजन के लिए समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम बन गया है। लोग समस्याओं से निजात पा रहे हैं एवं राज्य सरकार का आभार व्यक्त कर रहेे हैं। संपर्क पोर्टल पर दर्ज एक शिकायत के बाद चित्तौड़गढ़ के एक निजी कॉलेज को छात्र राहुल को 6 साल बाद सिक्योरिटी मनी लौटानी ही पड़ी।
जिला कलेक्टर ताराचंद मीणा ने जिले में संपर्क पोर्टल पर प्राप्त परिवादों को त्वरित गति से निस्तारण करने के निर्देश सभी विभागों को दिए हुए हैं। उन्होंने कहा है कि छह माह से अधिक लम्बित प्रकरणों को प्राथमिकता से निस्तारित किया जाए। इसी क्रम में जिले के राशमी उपखण्ड के एक छात्र राहुल द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई कि वर्ष 2015 में सिक्योरिटी मनी के रूप में 7500 रुपए निजी संस्था (राजस्थान इंस्टिटयूट ऑफ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नॉलाजी आजोड़ा चित्तौड़गढ) में जमा कराए गए थे। यह राशि छात्र को तीन साल बाद कॉलेज शिक्षा पूर्ण होने पर वापस दी जानी थी, जो नहीं दी गई।
आखिरकार परिवादी ने राजस्थान सम्पर्क पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज की, जिसके बाद जिला कलक्टर ने आवश्यक कार्यवाही के निर्देश प्रदान किए। निर्देश प्राप्त होते ही आरआईटीई रजिस्ट्रार ने सहायक निदेशक लोक सेवाएं नीता वसीटा से चर्चा कर तीन दिवस में सिक्योरिटी मनी लौटाने के लिए कहा। और 16 अगस्त को परिवादी को राशि लौटा दी गई। शिकायतकर्ता राहुल ने जिला कलेक्टर द्वारा की गई कार्यवाही के प्रति आभार प्रदर्शित किया है।
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