जयपुर। असंगठित कामगारों के लिए शुरु की गई पेंशन योजना ''प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन'' से ज्यादा से ज्यादा श्रमिकों को जोड़ने के लिए श्रम विभाग द्वारा राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम श्रम मंत्री टीका राम जूली की अध्यक्षता में 28 नवम्बर को राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम सभागार में शाम 4 बजे से आयोजित किया जाएगा।
अतिरिक्त श्रम आयुक्त सी.बी.एस. राठौड ने बताया कि ''प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन'' पेंशन योजना का उद्देश्य असंगठित कामगारों (घरेलू कामगार, थडी-ठेला चालक, हमाल, ईंट भट्टा श्रमिक, कचरा बीनने वाले, रिक्शा चालक, भूमिहीन श्रमिक, कृषि श्रमिक, निर्माण श्रमिक, हैण्डलूम श्रमिक, चर्मकार, बीडी श्रमिक आदि) को वृद्धावस्था सुरक्षा प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि लघु व्यापारियों के लिए भी एन पी एस ट्रेडर्स पेंशन योजना लागू की गई है तथा इन दोनों योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक श्रमिकों तथा लघु व्यापारियों को मिले, इसी उद्देश्य से इस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस राज्यस्तरीय कार्यक्रम के अतिरिक्त 30 नवम्बर से 6 दिसम्बर 2019 तक विशेष पेंशन सप्ताह का आयोजन भी विभाग द्वारा किया जाएगा।
राठौड ने बताया कि इस कार्यक्रम में श्रम विभाग, ईएसआई, पीएफ, ई-मित्र संस्थाएं, सीएससी, एल आई सी, डीओआईटी, श्रमिक संगठन, व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं असंगठित श्रमिक भाग लेंगे। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में इन योजनाओं के संबंध में जानकारी देने के अतिरिक्त पंजियन की व्यवस्था भी की गई है। ''प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन'' पेंशन योजना से जुड़ने के लिए श्रमिक की आय 15 हजार रुपये प्रतिमाह अथवा उससे कम होनी चाहिये तथा आयु 18 वर्ष से 40 वर्ष की होनी चाहिये। इसी प्रकार एनपीएस ट्रेडर्स योजना का लाभ ऎसे लघु व्यापारी ले सकते हैं, जिनका वार्षिक कारोबार 1.50 करोड़ रुपये से कम है।
उन्होंने बताया कि इन योजनाओं के लिए पात्र आवेदनकर्ता आधार कार्ड की प्रति, जनधन अथवा बचत खाते की पासबुक की प्रति तथा मोबाइल फोन के साथ निकटतम ई- मित्र पर पंजीयन करवा सकता है। ''प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन'' पेंशन योजना के अन्तर्गत 18 से 40 वर्ष की आयु के मध्य श्रमिक द्वारा देय मासिक अंशदान 55 से 200 रुपये तक है, जिसके समान राशि का योगदान केन्द्र सरकार द्वारा दिया जाएगा। योजनान्तर्र्गत श्रमिक द्वारा 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने के पश्चात् न्यूनतम तीन हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन दिए जाने का प्रावधान है।
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